- Pan-India Superstar Shivarajkumar Unleashes His Fiercest Avatar Yet as the ‘Original Monster’; First Poster and Motion Poster Out Now
- पैन इंडिया सुपरस्टार शिवराजकुमार का अब तक का सबसे खूंखार अवतार ‘ओरिजिनल मॉन्स्टर’; पोस्टर और मोशन पोस्टर हुआ रिलीज
- Akshay Kumar-Vipul Amrutlal Shah reunite for alien thriller Samuk after 12 years
- Five Bollywood actor-filmmaker partnerships that became a genre of their own
- Mismatched S4 to The Revolutionaries, Rohit Saraf is Keeping the Ball Rolling this Year
घुटनों तक पेंट चढ़ाया और आपदा प्रबंधन में लग गए मंत्री तुलसी सिलावट
इंदौर. जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट आज इंदौर ज़िले में अति वर्षा से उत्पन्न स्थितियों पर स्वयं राहत कार्य में जुटे नज़र आए। इंदौर में बाणगंगा क्षेत्र की बस्तियों के भ्रमण के बाद वे सांवेर विधानसभा क्षेत्र के राजोदा और देवली गाँव भी पहुँचे। यहाँ कुछ व्यक्तियों के पानी में फँसे होने की सूचना उन्हें प्राप्त हुई थी। मंत्री श्री सिलावट ने निचली बस्तियों से ग्रामीणों को अपनी निगरानी में निकलवाया।
मंत्री श्री सिलावट ने इसके बाद सांवेर नगर के विभिन्न वार्डों का सघन भ्रमण किया और जिन मोहल्लों में पानी भर गया था वहाँ जाकर नागरिकों से चर्चा की और आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित कराए। मंत्री श्री सिलावट ने नागरिकों से अपील की है कि वे अति वर्षा के कारण सतर्कता बरतें। मंत्री श्री सिलावट ने सांवेर में एसडीएम, राजस्व, प्रशासन और नगरीय निकाय के अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
जल प्लावित क्षेत्रों का मंत्री श्री सिलावट ने किया दौरा
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने जिला प्रशासन इंदौर को निर्देश दिए हैं कि अति वर्षा से प्रभावित नागरिकों के आवास और भोजन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में जल जमाव हुआ है, वहाँ से त्वरित गति से जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मंत्री श्री सिलावट ने आज सांसद श्री शंकर लालवानी के साथ इन्दौर के विभिन्न जल प्लावित क्षेत्रों का भ्रमण किया।
उन्होंने नागरिकों से चर्चा की और राहत कार्य में लगे शासकीय अमले को भी आवश्यक निर्देश प्रदान किये। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि इन्दौर शहर में अति वर्षा के कारण जिन क्षेत्रों में रहवासियों को समस्याएं उत्पन्न हुई है, उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। तात्कालिक रूप से जिन्हें रहने के लिए आसरे की आवश्यकता है उन्हें विभिन्न धर्मशालाओं अथवा विद्यालयों में आवास की व्यवस्था की जाएगी।


